Siddh Mala
सिद्ध माला क्या है? इसके चमत्कारी लाभ, महत्व और धारण विधि
आध्यात्मिक जगत में सिद्ध माला (Siddh Mala) को अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य माना गया है। यह विभिन्न प्रकार के रुद्राक्षों को एक विशेष क्रम में बनायी जाती है, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। सिद्ध माला न सिर्फ आध्यात्मिक उन्नति में मदद करती है, बल्कि जीवन की समस्याओं, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी सहायक होती है।
सिद्ध माला क्या होती है?
सिद्ध माला कई अलग-अलग मुखियों वाले रुद्राक्षों का संगम होती है। इसमें सामान्यतः शामिल होते हैं:
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Ganesh and Gaurishankar
प्रत्येक रुद्राक्ष का अपना विशेष गुण, शक्ति और ग्रहों से संबंध होता है। जब इन्हें मिलाकर एक माला बनाई जाती है, तो यह एक शक्तिशाली सिद्ध रूप ले लेती है।
सिद्ध माला धारण करने के प्रमुख लाभ
1. मन को शांति और एकाग्रता प्रदान करती है
सिद्ध माला मानसिक अशांति को दूर कर मन को शांत, स्थिर और केंद्रित बनाती है। यह ध्यान और साधना में अत्यंत सहायक होती है।
2. नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
यह माला नकारात्मक शक्तियों, नज़र, शाप और बाधाओं से बचाव करती है। घर या कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है।
3. आर्थिक उन्नति और धन वृद्धि में सहायक
विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो व्यापार में बाधा, धन हानि या अस्थिरता का सामना कर रहे हों।
4. ग्रह दोषों का शमन
सिद्ध माला में अलग-अलग रुद्राक्ष विभिन्न ग्रहों का संतुलन स्थापित करते हैं। इससे राहु-केतु, शनि, मंगल आदि ग्रहों के दोष कम होते हैं।
5. स्वास्थ्य में सुधार
यह माला शरीर की ऊर्जा प्रणाली को संतुलित करती है। तनाव, चिंता, ब्लड प्रेशर और मानसिक थकान में राहत देती है।
सिद्ध माला कैसे धारण करें? (सही विधि)
1. शुभ दिन चुनें
सोमवार, शिवरात्रि या पूर्णिमा का दिन सर्वोत्तम रहता है।
2. माला को शुद्ध करें
गंगाजल से छिड़काव करें
दीपक जलाकर भगवान शिव का आह्वान करें
3. मंत्र जप करें
माला धारण करने से पहले यह मंत्र 108 बार जपें:
“ॐ नमः शिवाय”
या
“ॐ ह्रीं नमः”
4. हृदय के पास पहनें
माला को हमेशा त्वचा को स्पर्श करते हुए पहनना श्रेष्ठ माना जाता है।
सिद्ध माला कैसे पहचानें? असली और नकली में अंतर
आजकल रुद्राक्ष और सिद्ध माला की डिमांड बढ़ने के साथ ही नकली उत्पादों की संख्या भी बढ़ गई है। बहुत लोग असली रुद्राक्ष की जगह प्लास्टिक, लकड़ी या केमिकल-ट्रीटेड बीड्स खरीद लेते हैं और फिर माला असर नहीं करती।
इसलिए यह जानना जरूरी है कि असली सिद्ध माला कैसे पहचानी जाए।
इस ब्लॉग में हम आसान तरीकों से बताएँगे कि असली रुद्राक्ष और सिद्ध माला की पहचान कैसे करें और नकली से कैसे बचें।
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सिद्ध माला क्या होती है?
सिद्ध माला कई प्रकार के रुद्राक्षों—जैसे 1 मुखी से लेकर 14 मुखी तक, गणेश रुद्राक्ष, गोरी-शंकर आदि—को मिलाकर बनाई जाती है।
हर रुद्राक्ष का अपना ऊर्जा-क्षेत्र होता है, इसलिए यह माला बहुत शक्तिशाली मानी जाती है।
असली सिद्ध माला कैसे पहचानें? (सबसे आसान तरीके)
1. असली रुद्राक्ष के मुखी (Mukhis) साफ और प्राकृतिक होते हैंअसली रुद्राक्ष पर प्राकृतिक लकीरें होती हैं, जिन्हें मुखी कहा जाता है।ये एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाती हैंगोंद से चिपकी हुई नहीं लगतींएकदम सीधी, स्पष्ट और प्राकृतिक होती हैंनकली रुद्राक्ष में यह लकीरें मशीन से बनाई हुई लगती हैं।
2. असली रुद्राक्ष पानी में डूबता है (सभी नहीं)अगर माला में बहुत हल्के बीड्स हों, तो ध्यान रखें:कुछ असली बीड्स भी तैर सकते हैं क्योंकि उनकी घनता अलग होती है।लेकिन प्लास्टिक या नकली बीड्स हमेशा तैरते हैं।
3. असली रुद्राक्ष का स्पर्श ठंडा होता हैअसली रुद्राक्ष हाथ में लेने पर हल्का ठंडा महसूस होता है।नकली या केमिकल-ट्रीटेड बीड्स गर्म या चिकने लगते हैं।
4. असली रुद्राक्ष पर किसी भी तरह की पॉलिश नहीं होतीअगर माला बहुत चमकीली या एक जैसी लगे तो सावधान हो जाएँ।असली रुद्राक्ष:समान रंग के नहीं होतेहर बीड का टेक्सचर अलग होता हैहल्के-गहरे शेड्स दिखना सामान्य है
5. असली सिद्ध माला में अलग-अलग आकार के रुद्राक्ष होते हैंक्योंकि हर मुखी का आकार प्राकृतिक रूप से अलग होता है।अगर सभी बीड्स का आकार और रंग एकदम एक जैसा लगे—तो समझिए माला नकली है।